श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 226: इन्द्र और नमुचिका संवाद  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  12.226.21 
यदेवमनुजातस्य धातारो विदधु: पुरा।
तदेवानुचरिष्यामि किं मे मृत्यु: करिष्यति॥ २१॥
 
 
अनुवाद
विधाता ने मेरे लिए जो भी पूर्वकाल में नियम बनाया है, मैं जन्म से ही उसका पालन करता आया हूँ और आगे भी करता रहूँगा; फिर मृत्यु मेरा क्या करेगी?॥ 21॥
 
Whatever law the Creator has laid out for me in the past, I have been following that since my birth and will continue to do so in the future too; so what will death do to me?॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)