श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.225.29 
शक्र उवाच
भूतानामिह यो वै त्वां मया विनिहितां सतीम्।
उपहन्यात् स मे धृष्यस्तथा शृण्वन्तु मे वच:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र ने कहा- देवी! मेरे द्वारा स्थापित समस्त प्राणियों में से जो भी तुम्हें कष्ट देगा, उसे मैं दण्ड दूँगा। ये सभी लोग मेरी बातें सुनें।
 
Indra said- Goddess! Whoever causes you pain among all the creatures established by me, will be punished by me. Let all these people listen to my words.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)