श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.225.22 
श्रीरुवाच
एष मे निहित: पादो योऽयं भूमौ प्रतिष्ठित:।
द्वितीयं शक्र पादं मे तस्मात् सुनिहितं कुरु॥ २२॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मी बोलीं - इन्द्र! मेरा यह जो एक पैर पृथ्वी पर रखा है, उसे मैंने यहाँ स्थापित किया है। अब तुम मेरा दूसरा पैर भी स्थापित करो॥ 22॥
 
Lakshmi said - Indra! This one of my feet which is placed on the earth, I have established it here. Now you establish my other foot also.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)