श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.224.7 
जीवितं च शरीरं च जात्यैव सह जायते।
उभे सह विवर्धेते उभे सह विनश्यत:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जीवन और शरीर दोनों जन्म के साथ उत्पन्न होते हैं, साथ-साथ बढ़ते हैं और साथ-साथ नष्ट हो जाते हैं ॥7॥
 
Both life and body arise with birth, grow together and perish together. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)