Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.224.57: इन्द्र! सम्पूर्ण जगत् का संचालन काल ही करता है; अतः तुम भी दृढ़ रहो। तुम, मैं तथा हमारे पूर्वज भी काल की आज्ञा का उल्लंघन नहीं कर सकते ॥57॥ | mahabharat अध्याय 12.224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
य इदं सर्वमादत्ते तस्माच्छक्र स्थिरो भव।
मया त्वया च पूर्वैश्च न स शक्योऽतिवर्तितुम्॥ ५७॥
अनुवाद
इन्द्र! सम्पूर्ण जगत् का संचालन काल ही करता है; अतः तुम भी दृढ़ रहो। तुम, मैं तथा हमारे पूर्वज भी काल की आज्ञा का उल्लंघन नहीं कर सकते ॥57॥
Indra! It is time that controls the entire universe; therefore you also remain steadfast. You, I and even our ancestors cannot disobey the commands of time. ॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥