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mahabharat 12.224.56: हे शक्र! तुम अपने को देवताओं का अत्यन्त बलवान और बलवान राजा समझते हो; किन्तु समय आने पर महाबली काल तुम्हें भी चुप करा देगा ॥ 56॥   |   mahabharat अध्याय 12.224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  12.224.56 
त्वामप्यतिबलं शक्र देवराजं बलोत्कटम्।
प्राप्ते काले महावीर्य: काल: संशमयिष्यति॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
हे शक्र! तुम अपने को देवताओं का अत्यन्त बलवान और बलवान राजा समझते हो; किन्तु समय आने पर महाबली काल तुम्हें भी चुप करा देगा ॥ 56॥
 
Śakra! You think yourself to be a very powerful and strong king of the gods; but when the time comes, the mighty Kaal will silence you as well. ॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)