Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.224.53-54: अन्य लोग उस समय को ऋतु, मास, पक्ष, दिन, क्षण, प्रातः, मध्याह्न और मध्याह्न कहते हैं। विद्वान पुरुष उसे मुहूर्त भी कहते हैं। वह एक है, किन्तु अनेक प्रकार का कहा गया है। इन्द्र! तुम्हें उस समय को इस प्रकार जानना चाहिए। यह सारा जगत् उसके अधीन है। | mahabharat अध्याय 12.224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्य लोग उस समय को ऋतु, मास, पक्ष, दिन, क्षण, प्रातः, मध्याह्न और मध्याह्न कहते हैं। विद्वान पुरुष उसे मुहूर्त भी कहते हैं। वह एक है, किन्तु अनेक प्रकार का कहा गया है। इन्द्र! तुम्हें उस समय को इस प्रकार जानना चाहिए। यह सारा जगत् उसके अधीन है।
Other people call that time as season, month, fortnight, day, moment, morning, afternoon and midday. Learned men also call it Muhurta. It is one but is said to be of many types. Indra! You should know that time in this way. This whole world is under its control.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥