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mahabharat 12.224.40: एक समय दैत्यों ने मेरी पूजा की थी और मैंने भी गर्जना करके अपना यश सर्वत्र फैलाया था। जब मुझ पर भी काल ने आक्रमण किया है, तो फिर वह और किस पर आक्रमण नहीं करेगा?॥40॥   |   mahabharat अध्याय 12.224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  12.224.40 
मां चेदभ्यागत: कालो दानवेश्वरपूजितम्।
गर्जन्तं प्रतपन्तं च कमन्यं नागमिष्यति॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
एक समय दैत्यों ने मेरी पूजा की थी और मैंने भी गर्जना करके अपना यश सर्वत्र फैलाया था। जब मुझ पर भी काल ने आक्रमण किया है, तो फिर वह और किस पर आक्रमण नहीं करेगा?॥40॥
 
Once I was worshipped by the demon lords and I too roared and spread my glory everywhere. When even I have been attacked by death, then who else will it not attack?॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)