Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.224.38: लेकिन यदि मृत्यु मुझ पर आक्रमण करके मेरे सिर पर न बैठती, तो आज मेरे पास वज्र होने पर भी मैं तुम्हें एक घूंसा मारकर भूमि पर गिरा देता। | mahabharat अध्याय 12.224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं नैव न चेत् कालो मामाक्रम्य स्थितो भवेत् ।
पातयेयमहं त्वाद्य सवज्रमपि मुष्टिना॥ ३८॥
अनुवाद
लेकिन यदि मृत्यु मुझ पर आक्रमण करके मेरे सिर पर न बैठती, तो आज मेरे पास वज्र होने पर भी मैं तुम्हें एक घूंसा मारकर भूमि पर गिरा देता।
But if death had not attacked me and sat on my head then even though I had the thunderbolt today, I would have hit you with just a punch and thrown you down on the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥