श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 224: बलि और इन्द्रका संवाद, बलिके द्वारा कालकी प्रबलताका प्रतिपादन करते हुए इन्द्रको फटकारना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  12.224.38 
एवं नैव न चेत् कालो मामाक्रम्य स्थितो भवेत् ।
पातयेयमहं त्वाद्य सवज्रमपि मुष्टिना॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
लेकिन यदि मृत्यु मुझ पर आक्रमण करके मेरे सिर पर न बैठती, तो आज मेरे पास वज्र होने पर भी मैं तुम्हें एक घूंसा मारकर भूमि पर गिरा देता।
 
But if death had not attacked me and sat on my head then even though I had the thunderbolt today, I would have hit you with just a punch and thrown you down on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)