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श्लोक  12.223.27 
गुहायां निहितानि त्वं मम रत्नानि पृच्छसि।
यदा मे भविता कालस्तदा त्वं तानि द्रक्ष्यसि॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जिन रत्नों के बारे में तुम पूछ रहे हो, वे किसी गुफा में छिपे हैं। जब मेरा अच्छा समय आएगा, तो तुम उन्हें फिर से देखोगे। 27.
 
The gems you are asking about have been hidden in a cave. When the good time comes for me, you will see them again. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)