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mahabharat 12.223.10: इन्द्र ने पूछा - हे ब्रह्मन्! यदि मुझे राजा बलि किसी एकान्त गृह में मिलें, तो कृपया मुझे बताएँ कि मैं उन्हें मारूँ या नहीं॥10॥   |   mahabharat अध्याय 12.223: इन्द्र और बलिका संवाद—इन्द्रके आक्षेपयुक्त वचनोंका बलिके द्वारा कठोर प्रत्युत्तर   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.223.10 
शक्र उवाच
यदि स्म बलिना ब्रह्मन् शून्यागारे समेयिवान्।
हन्यामेनं न वा हन्यां तद् ब्रह्मन्ननुशाधि माम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र ने पूछा - हे ब्रह्मन्! यदि मुझे राजा बलि किसी एकान्त गृह में मिलें, तो कृपया मुझे बताएँ कि मैं उन्हें मारूँ या नहीं॥10॥
 
Indra asked - O Brahman! If I meet King Bali in a secluded house, please tell me whether I should kill him or not.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)