Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.222.d7: इसी प्रकार अन्य ब्राह्मणों में भी किसी ने प्रकृति को, किसी ने कर्म को, बहुतों ने पुरुषार्थ को, बहुतों ने प्रारब्ध को तथा बहुतों ने प्रकृति-कर्म आदि को ही जगत् का कारण माना। | mahabharat अध्याय 12.222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार अन्य ब्राह्मणों में भी किसी ने प्रकृति को, किसी ने कर्म को, बहुतों ने पुरुषार्थ को, बहुतों ने प्रारब्ध को तथा बहुतों ने प्रकृति-कर्म आदि को ही जगत् का कारण माना।
Similarly, among the other Brahmins, some considered nature, some considered karma, many considered effort, others considered destiny and many others considered nature-karma etc. as the cause of the universe.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥