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mahabharat 12.222.d29: सनत्कुमार बोले, 'द्विजौत्तमो! उस अदृश्य देवता ने जो कुछ पहले तुमसे कहा था, वह यथार्थ रूप में सत्य है। तुमने उससे अनजाने में ही बात की थी।   |   mahabharat अध्याय 12.222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना  »  श्लोक d29
 
 
श्लोक  12.222.d29 
यथाह पूर्वं युष्मासु ह्यशरीरी द्विजोत्तमा:।
तथैव वाक्यं तत् सत्यमजानन्तश्च कीर्तितम्॥
 
 
अनुवाद
सनत्कुमार बोले, 'द्विजौत्तमो! उस अदृश्य देवता ने जो कुछ पहले तुमसे कहा था, वह यथार्थ रूप में सत्य है। तुमने उससे अनजाने में ही बात की थी।
 
Sanatkumara said, 'Dwijottamo! Whatever the invisible god had said to you earlier is true in its true form. You had talked to him without knowing him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)