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श्री महाभारत
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श्लोक 3
श्लोक
12.222.3
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
प्रह्रादस्य च संवादमिन्द्रस्य च युधिष्ठिर॥ ३॥
अनुवाद
भीष्म बोले - युधिष्ठिर! इस विषय में विद्वान पुरुष इन्द्र और प्रह्लाद के संवाद रूपी एक प्राचीन कथा का उदाहरण देते हैं।
Bhishma said - Yudhishthira! In this matter, learned men give the example of an ancient story in the form of a dialogue between Indra and Prahlad.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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