Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.222.18: हे इन्द्र! यदि मनुष्य स्वयं कर्ता होता, तो वह अपने कल्याण के लिए जो कुछ भी करता, उसके सभी कार्य अवश्य सफल होते। वह अपने प्रयत्नों में कभी पराजित नहीं होता॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.222: सनत्कुमारजीका ऋषियोंको भगवत्स्वरूपका उपदेश देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे इन्द्र! यदि मनुष्य स्वयं कर्ता होता, तो वह अपने कल्याण के लिए जो कुछ भी करता, उसके सभी कार्य अवश्य सफल होते। वह अपने प्रयत्नों में कभी पराजित नहीं होता॥18॥
Indra! If the man himself were the doer, then whatever he would do for his welfare, all his tasks would definitely be successful. He would never be defeated in his efforts.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥