Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.221.10: भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! जो व्यक्ति प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल के अतिरिक्त भोजन करता है और बीच में कुछ नहीं खाता, वह प्रतिदिन उपवास करने वाला व्यक्ति है।" | mahabharat अध्याय 12.221: व्रत, तप, उपवास, ब्रह्मचर्य तथा अतिथिसेवा आदिका विवेचन तथा यज्ञशिष्ट अन्नका भोजन करनेवालेको परम उत्तम गतिकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
अन्तरा प्रातराशं च सायमाशं तथैव च।
सदोपवासी स भवेद् यो न भुङ्क्तेऽन्तरा पुन:॥ १०॥
अनुवाद
भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! जो व्यक्ति प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल के अतिरिक्त भोजन करता है और बीच में कुछ नहीं खाता, वह प्रतिदिन उपवास करने वाला व्यक्ति है।"
Bhishma said, "Yudhishthir! He who eats every day except in the morning and in the evening and does not eat anything in between, is a person who observes fast every day."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥