Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d98: हे सदाचारिणी देवी! आप यह जान लें कि अध्यात्म-तत्त्व का चिंतन करने से नित्य ज्ञान दीपक की भाँति स्पष्ट रूप से चमकने लगता है। उस ज्ञान से मनुष्य परमपद को प्राप्त करता है। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे सदाचारिणी देवी! आप यह जान लें कि अध्यात्म-तत्त्व का चिंतन करने से नित्य ज्ञान दीपक की भाँति स्पष्ट रूप से चमकने लगता है। उस ज्ञान से मनुष्य परमपद को प्राप्त करता है।
Goddess of good conduct! May you know that by contemplating the spiritual principle, daily knowledge begins to shine clearly like a lamp. With that knowledge, humans attain the supreme state.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥