Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d9: सुवर्चला बोली, "पिताजी! मैं पागल नहीं हूँ। मैं बहुत सोच-विचार कर आपसे यह बात कह रही हूँ। यदि मुझे वेद-वेदान्त का ज्ञाता पति मिले, तो वह मेरा भरण-पोषण कर सकेगा।" | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुवर्चला बोली, "पिताजी! मैं पागल नहीं हूँ। मैं बहुत सोच-विचार कर आपसे यह बात कह रही हूँ। यदि मुझे वेद-वेदान्त का ज्ञाता पति मिले, तो वह मेरा भरण-पोषण कर सकेगा।"
Suvarchala said, "Father! I am not crazy. I am saying this to you after thinking a lot. If I get a husband who is an expert in Vedas, then he can support me."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥