Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d72: सुवर्चला बोली- महाप्रज्ञ! शब्द की स्थिति अर्थ पर ही निर्भर करती है, अन्यथा उसकी स्थिति नहीं हो सकती। ऋषि-शिरोमणे! यदि कोई शब्द अर्थहीन हो तो उसे बताइए। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुवर्चला बोली- महाप्रज्ञ! शब्द की स्थिति अर्थ पर ही निर्भर करती है, अन्यथा उसकी स्थिति नहीं हो सकती। ऋषि-शिरोमणे! यदि कोई शब्द अर्थहीन हो तो उसे बताइए।
Suvarchala said – Mahapragya! The status of the word depends only on the meaning, otherwise it cannot have status. Sage-Shiromane! If there is any word without meaning then tell it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥