Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d71: श्वेतकेतु बोले - शब्द और अर्थ में कोई निश्चित संबंध नहीं है। कमल के पत्ते पर जल की तरह शब्द और अर्थ में भी अटल संबंध है, यह जान लो। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्वेतकेतुरुवाच
शब्दार्थयोर्न चैवास्ति सम्बन्धोऽत्यन्त एव हि।
पुष्करे च यथा तोयं तथास्तीति च वेत्थ तत् ॥
अनुवाद
श्वेतकेतु बोले - शब्द और अर्थ में कोई निश्चित संबंध नहीं है। कमल के पत्ते पर जल की तरह शब्द और अर्थ में भी अटल संबंध है, यह जान लो।
Shvetketu said – There is no fixed relationship between word and meaning. Like the water on a lotus leaf, there is an invariable relationship between word and meaning, know this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥