Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d66: जो मूर्ख, दुष्ट, धर्मभ्रम फैलाने वाले, मर्यादा तोड़ने वाले और नीच हैं, वे नरक में गिरते हैं और राक्षस योनि में जन्म लेते हैं। यह भी उसी भगवान का अनुशासन है।' | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मूर्ख, दुष्ट, धर्मभ्रम फैलाने वाले, मर्यादा तोड़ने वाले और नीच हैं, वे नरक में गिरते हैं और राक्षस योनि में जन्म लेते हैं। यह भी उसी भगवान का अनुशासन है।'
'Those who are foolish, evil-minded, those who create religious confusion, those who violate the norms and are mean, fall into hell and are born as demons. This too is the discipline of the same Lord.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥