Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d60: श्वेतकेतु बोले, "हे प्रिय! एक सज्जन व्यक्ति जो कुछ करता है, दूसरे भी वही करते हैं। इसलिए यदि हम अपने कर्तव्यों का त्याग कर दें, तो यह सारा समाज व्यभिचार की बुराई से दूषित हो जाएगा।" | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्वेतकेतु बोले, "हे प्रिय! एक सज्जन व्यक्ति जो कुछ करता है, दूसरे भी वही करते हैं। इसलिए यदि हम अपने कर्तव्यों का त्याग कर दें, तो यह सारा समाज व्यभिचार की बुराई से दूषित हो जाएगा।"
Swetaketu said, 'My dear! Whatever a noble man does, others also do the same. Therefore, if we give up our duties, this entire community will be contaminated with the evil of adultery.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥