श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक d53
 
 
श्लोक  12.220.d53 
सा तमाह महात्मानं पृच्छामि हृदि शायिनम्॥
 
 
अनुवाद
तब सुवर्चला ने अपने महापुरुष से कहा- 'प्रभु! मैं हृदय गुफा में सोये हुए आत्मा के विषय में पूछ रही हूँ।'
 
Then Suvarchala said to her great husband- 'Lord! I am asking about the soul that sleeps in the cave of the heart.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)