Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d52: तत्पश्चात एक दिन सुवर्चना ने अपने पति श्वेतकेतु से पूछा- 'द्विजश्रेष्ठ! मुझे बताइए कि आप कौन हैं!' उस समय प्रवचन में कुशल भगवान श्वेतकेतु ने उनसे कहा- 'देवि! आप मुझे पहले से ही जानती हैं, इसमें संशय नहीं है। आपने मुझे द्विजश्रेष्ठ भी कहा है; फिर आप उस द्विजश्रेष्ठ के अतिरिक्त और किससे पूछ रही हैं?' | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: कदाचिद् भर्तारं श्वेतकेतुं सुवर्चला।
पप्रच्छ को भवानत्र ब्रूहि मे तद् द्विजोत्तम।
तामाह भगवान् वाग्मी त्वया ज्ञातो न संशय:॥
द्विजोत्तमेति मामुक्त्वा पुन: कमनुपृच्छसि।
अनुवाद
तत्पश्चात एक दिन सुवर्चना ने अपने पति श्वेतकेतु से पूछा- 'द्विजश्रेष्ठ! मुझे बताइए कि आप कौन हैं!' उस समय प्रवचन में कुशल भगवान श्वेतकेतु ने उनसे कहा- 'देवि! आप मुझे पहले से ही जानती हैं, इसमें संशय नहीं है। आपने मुझे द्विजश्रेष्ठ भी कहा है; फिर आप उस द्विजश्रेष्ठ के अतिरिक्त और किससे पूछ रही हैं?'
Thereafter one day Suvarchalana asked her husband Swetaketu-'Dwijshreshtha! Tell me who are you!' At that time Lord Swetaketu, who was skilled in discourse, said to her-'Devi! You have already known about me, there is no doubt about it. You have also addressed me as Dwijshreshtha; then whom else are you asking except that Dwijshreshtha?'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥