Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d46: मैं इसी अवस्था में स्थित हूँ। तुम भी इसी अवस्था में स्थित रहो, अतः मेरे कहे अनुसार सब कार्य करो, फिर मैं भी तुम्हारा प्रिय कार्य करूँगा। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहमित्येव भावेन स्थितोऽहं त्वं तथैव च।
तस्मात् कर्माणि कुर्वीथा: कुर्यां ते च तत: परम्॥
अनुवाद
मैं इसी अवस्था में स्थित हूँ। तुम भी इसी अवस्था में स्थित रहो, अतः मेरे कहे अनुसार सब कार्य करो, फिर मैं भी तुम्हारा प्रिय कार्य करूँगा।
I am situated in this state. You also remain situated in this state, therefore do all the work according to my instructions, then I will also do your favourite work.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥