Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d39-d40: श्वेतकेतु को वहाँ देखकर ऋषिगण इस प्रकार कहने लगे - ऐसा प्रतीत होता है मानो सबके हृदय कमल में निवास करने वाले भगवान मधुसूदन ही श्वेतकेतु के रूप में यहाँ उपस्थित हैं। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्वेतकेतु को वहाँ देखकर ऋषिगण इस प्रकार कहने लगे - ऐसा प्रतीत होता है मानो सबके हृदय कमल में निवास करने वाले भगवान मधुसूदन ही श्वेतकेतु के रूप में यहाँ उपस्थित हैं।
Seeing Shvetketu there, the sages started saying in this way - It seems as if Lord Madhusudan, the Supreme Personality of Godhead, who resides in the lotus of everyone's heart, is present here in the form of Shvetketu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥