Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d36: भाई! मैंने तुम्हारा शुल्क चुकाने का निश्चय कर लिया है और मैं तुम्हारा भरण-पोषण करने में समर्थ हूँ; इसलिए तुम मुझे ही चुनो।' यह सुनकर श्रेष्ठ ब्राह्मण ने श्वेतकेतु की ओर देखा और कहा। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भाई! मैंने तुम्हारा शुल्क चुकाने का निश्चय कर लिया है और मैं तुम्हारा भरण-पोषण करने में समर्थ हूँ; इसलिए तुम मुझे ही चुनो।' यह सुनकर श्रेष्ठ ब्राह्मण ने श्वेतकेतु की ओर देखा और कहा।
'Brother! I have decided to pay your due fee and am capable of providing for you; therefore, you should choose me.' Hearing this, the great Brahmin looked at Swetaketu and said.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥