Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d34: मैं यहां दैनिक दिनचर्या की गतिविधियां केवल सार्वजनिक सभा की दृष्टि से करता हूं और अपने दैनिक आत्मनिरीक्षण के कारण, मैं उन सभी गतिविधियों में शामिल नहीं होता हूं। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोकदृष्टॺा करोमीह नित्यनैमित्तिकादिकम्।
आत्मदृष्टॺा च तत् सर्वं विलिप्यामि च नित्यश:॥
अनुवाद
मैं यहां दैनिक दिनचर्या की गतिविधियां केवल सार्वजनिक सभा की दृष्टि से करता हूं और अपने दैनिक आत्मनिरीक्षण के कारण, मैं उन सभी गतिविधियों में शामिल नहीं होता हूं।
'I do daily routine activities here only from the viewpoint of public gathering and due to my daily introspection, I do not get involved in all those activities.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥