Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d28: पिता की यह बात सुनकर कन्या क्रोधित हो गई और ऋषि श्वेतकेतु के पुत्र की ओर देखने लगी। तब ऋषि श्वेतकेतु ने कन्या से कहा - 'अच्छी कन्या! मैं वही हूँ (जिसे तुम चाहती हो), मैं तुम्हारे लिए ही यहाँ आया हूँ।' | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तच्छ्रुत्वा कुपिता कन्या ऋषिपुत्रमुदैक्षत।
तां कन्यामाह विप्रर्षि: सोऽहं भद्रे समागत:॥
अनुवाद
पिता की यह बात सुनकर कन्या क्रोधित हो गई और ऋषि श्वेतकेतु के पुत्र की ओर देखने लगी। तब ऋषि श्वेतकेतु ने कन्या से कहा - 'अच्छी कन्या! मैं वही हूँ (जिसे तुम चाहती हो), मैं तुम्हारे लिए ही यहाँ आया हूँ।'
Hearing this from her father, the girl became angry and looked at the son of the sage Shwetaketu. Then the sage Shwetaketu said to the girl - 'Good girl! I am the one (whom you want), I have come here only for you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥