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mahabharat 12.220.d14: राजन! ऋषि और उस कन्या का प्रभाव जानकर अनेक श्रेष्ठ ब्राह्मण महर्षि देवल के आश्रम पर आये।   |   mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक d14
 
 
श्लोक  12.220.d14 
ऋषे: प्रभावं मत्वा ते कन्यायाश्च द्विजोत्तमा:।
अनेकमुनयो राजन् सम्प्राप्ता देवलाश्रमम्॥
 
 
अनुवाद
राजन! ऋषि और उस कन्या का प्रभाव जानकर अनेक श्रेष्ठ ब्राह्मण महर्षि देवल के आश्रम पर आये।
 
Rajan! Knowing the influence of the sage and that girl, many great Brahmins came to Maharishi Deval's ashram.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)