vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन
»
श्लोक d14
श्लोक
12.220.d14
ऋषे: प्रभावं मत्वा ते कन्यायाश्च द्विजोत्तमा:।
अनेकमुनयो राजन् सम्प्राप्ता देवलाश्रमम्॥
अनुवाद
राजन! ऋषि और उस कन्या का प्रभाव जानकर अनेक श्रेष्ठ ब्राह्मण महर्षि देवल के आश्रम पर आये।
Rajan! Knowing the influence of the sage and that girl, many great Brahmins came to Maharishi Deval's ashram.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×