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mahabharat 12.220.d13: जब ऋषि ने यह सुना तो उनके शिष्य तुरंत विभिन्न आश्रमों और गांवों में गए और ब्राह्मणों को इसकी जानकारी दी।   |   mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक d13
 
 
श्लोक  12.220.d13 
तच्छ्रुत्वा त्वरिता: शिष्या हॺाश्रमेषु ततस्तत:।
ग्रामेषु च ततो गत्वा ब्राह्मणेभ्यो न्यवेदयन्॥
 
 
अनुवाद
जब ऋषि ने यह सुना तो उनके शिष्य तुरंत विभिन्न आश्रमों और गांवों में गए और ब्राह्मणों को इसकी जानकारी दी।
 
When the sage heard this, his disciples immediately went to various ashrams and villages and informed the Brahmins about this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)