Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.d102: भीष्मजी कहते हैं - राजन! जब उसके पति श्वेतकेतु ने ऐसा उचित उपदेश दिया, तो सुवर्चला आनंदित हो गई। वह अपने सिद्धांत पर अडिग रही और उसके अनुसार आचरण करने लगी। | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी कहते हैं - राजन! जब उसके पति श्वेतकेतु ने ऐसा उचित उपदेश दिया, तो सुवर्चला आनंदित हो गई। वह अपने सिद्धांत पर अडिग रही और उसके अनुसार आचरण करने लगी।
Bhishmaji says – King! Suvarchala became ecstatic when her husband Shwetaketu gave such correct advice. She remained steadfast in her philosophy and started behaving accordingly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥