Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.3: जिसने संयम का पालन नहीं किया है, उसे अपने कार्यों में इच्छित सफलता नहीं मिलती, क्योंकि कर्म, तप और सत्य- ये सभी संयम पर आधारित हैं ॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नादान्तस्य क्रियासिद्धिर्यथावदुपपद्यते।
क्रिया तपश्च सत्यं च दमे सर्वं प्रतिष्ठितम्॥ ३॥
अनुवाद
जिसने संयम का पालन नहीं किया है, उसे अपने कार्यों में इच्छित सफलता नहीं मिलती, क्योंकि कर्म, तप और सत्य- ये सभी संयम पर आधारित हैं ॥3॥
He who has not followed self-control does not get the desired success in his actions, because action, penance and truth - all these are based on self-control. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥