Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.17: जो वेदों में पारंगत है, पुण्यात्मा पुरुषों द्वारा बताए गए शुभ कर्मों से शुद्ध हुआ है और जिसने सदैव अनुशासन के मार्ग का अनुसरण किया है, वह अपने शुभ कर्मों का महान फल भोगता है ॥17॥ | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो वेदों में पारंगत है, पुण्यात्मा पुरुषों द्वारा बताए गए शुभ कर्मों से शुद्ध हुआ है और जिसने सदैव अनुशासन के मार्ग का अनुसरण किया है, वह अपने शुभ कर्मों का महान फल भोगता है ॥17॥
He who is well versed in the Vedas and is purified by the good deeds taught by virtuous men and who has always followed the path of discipline, enjoys the great fruits of his good deeds. ॥17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥