Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.220.15: जो सम्पूर्ण प्राणियों से निर्भय है और जिसके कारण सम्पूर्ण प्राणी निर्भय हो गए हैं, वह विनम्र और बुद्धिमान पुरुष सम्पूर्ण प्राणियों द्वारा पूज्य है ॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.220: श्वेतकेतु और सुवर्चलाका विवाह, दोनों पति-पत्नीका अध्यात्मविषयक संवाद तथा गार्हस्थ्य-धर्मका पालन करते हुए ही उनका परमात्माको प्राप्त होना एवं दमकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो सम्पूर्ण प्राणियों से निर्भय है और जिसके कारण सम्पूर्ण प्राणी निर्भय हो गए हैं, वह विनम्र और बुद्धिमान पुरुष सम्पूर्ण प्राणियों द्वारा पूज्य है ॥15॥
He who is fearless of all creatures and due to whom all creatures have become fearless, that submissive and intelligent man is worthy of worship by all creatures. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥