Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.22.8: ‘भरतश्रेष्ठ! आप सभी धर्मों के ज्ञाता, धर्मात्मा, राजा, ज्ञानी, कार्यकुशल और संसार में होने वाली प्रत्येक घटना पर दृष्टि रखने वाले हैं। 8॥   |   mahabharat अध्याय 12.22: क्षत्रियधर्मकी प्रशंसा करते हुए अर्जुनका पुन: राजा युधिष्ठिरको समझाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 22: क्षत्रियधर्मकी प्रशंसा करते हुए अर्जुनका पुन: राजा युधिष्ठिरको समझाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.22.8 
स भवान् सर्वधर्मज्ञो धर्मात्मा भरतर्षभ।
राजा मनीषी निपुणो लोके दृष्टपरावर:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
‘भरतश्रेष्ठ! आप सभी धर्मों के ज्ञाता, धर्मात्मा, राजा, ज्ञानी, कार्यकुशल और संसार में होने वाली प्रत्येक घटना पर दृष्टि रखने वाले हैं। 8॥
 
‘Bharatshrestha! You are the knower of all religions, a religious soul, a king, a wise man, skilled in work and the one who keeps an eye on everything going on in the world. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)