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mahabharat 12.219.d10: यह कहकर ब्राह्मण वहाँ से चले गए। राजा की परीक्षा लेने के लिए भगवान श्रीहरि ने स्वयं एक श्रेष्ठ ब्राह्मण का वेश धारण करके मिथिला नगरी में आग लगा दी।   |   mahabharat अध्याय 12.219: पंचशिखके द्वारा मोक्षतत्त्वका विवेचन एवं भगवान् विष्णुद्वारा मिथिलानरेश जनकवंशी जनदेवकी परीक्षा और उनके लिये वरप्रदान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.219.d10 
इत्युक्त्वा प्रययौ विप्रस्तज्जिज्ञासुर्द्विजोत्तम:।
अदहच्चाग्निना तस्य मिथिलां भगवान् स्वयम्॥
 
 
अनुवाद
यह कहकर ब्राह्मण वहाँ से चले गए। राजा की परीक्षा लेने के लिए भगवान श्रीहरि ने स्वयं एक श्रेष्ठ ब्राह्मण का वेश धारण करके मिथिला नगरी में आग लगा दी।
 
Saying this the Brahmins left from there. Before leaving, to test the king, Lord Hari Himself in the guise of a great Brahmin set the Mithila city on fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)