Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.219.d1: हे राजन! हे महापुरुष! मैं तुम्हें वह उद्देश्य बताता हूँ जिसके लिए पूर्वकाल में मिथिला नगरी अग्नि द्वारा जला दी गई थी। सुनो।   |   mahabharat अध्याय 12.219: पंचशिखके द्वारा मोक्षतत्त्वका विवेचन एवं भगवान् विष्णुद्वारा मिथिलानरेश जनकवंशी जनदेवकी परीक्षा और उनके लिये वरप्रदान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 219: पंचशिखके द्वारा मोक्षतत्त्वका विवेचन एवं भगवान् विष्णुद्वारा मिथिलानरेश जनकवंशी जनदेवकी परीक्षा और उनके लिये वरप्रदान  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  12.219.d1 
(श्रूयतां नृपशार्दूल यदर्थं दीपिता पुरा।
वह्निना दीपिता सा तु तन्मे शृणु महामते॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे महापुरुष! मैं तुम्हें वह उद्देश्य बताता हूँ जिसके लिए पूर्वकाल में मिथिला नगरी अग्नि द्वारा जला दी गई थी। सुनो।
 
O great king! O great man! I will tell you the purpose for which the city of Mithila was burnt by fire in the past. Listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)