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mahabharat 12.219.25: इनमें से प्रत्येक के तीन प्रकार हैं - सात्त्विक, राजस और तामस। इनसे प्राप्त होने वाले अनुभव भी तीन प्रकार के हैं। ये सुख, प्रेम आदि सभी भावनाओं के साधन हैं॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 12.219: पंचशिखके द्वारा मोक्षतत्त्वका विवेचन एवं भगवान् विष्णुद्वारा मिथिलानरेश जनकवंशी जनदेवकी परीक्षा और उनके लिये वरप्रदान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 219: पंचशिखके द्वारा मोक्षतत्त्वका विवेचन एवं भगवान् विष्णुद्वारा मिथिलानरेश जनकवंशी जनदेवकी परीक्षा और उनके लिये वरप्रदान  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  12.219.25 
सात्त्विको राजसश्चापि तामसश्चापि ते त्रय:।
त्रिविधा वेदना येषु प्रसूता: सर्वसाधना:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
इनमें से प्रत्येक के तीन प्रकार हैं - सात्त्विक, राजस और तामस। इनसे प्राप्त होने वाले अनुभव भी तीन प्रकार के हैं। ये सुख, प्रेम आदि सभी भावनाओं के साधन हैं॥ 25॥
 
Each of these has three types - Sattvik, Rajas and Tamas. The experiences gained from them are also of three types. They are the means of all emotions like happiness, love etc.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)