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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 219: पंचशिखके द्वारा मोक्षतत्त्वका विवेचन एवं भगवान् विष्णुद्वारा मिथिलानरेश जनकवंशी जनदेवकी परीक्षा और उनके लिये वरप्रदान
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श्लोक 2
श्लोक
12.219.2
जनक उवाच
भगवन् यदि न प्रेत्य संज्ञा भवति कस्यचित्।
एवं सति किमज्ञानं ज्ञानं वा किं करिष्यति॥ २॥
अनुवाद
जनक ने पूछा - प्रभु ! यदि मृत्यु के बाद किसी का कोई विशेष नाम न रहे, तो उस स्थिति में अज्ञान या ज्ञान क्या करेगा ?
Janak asked – Lord! If after death no special name remains for someone, then what will ignorance or knowledge do in that situation? 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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