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श्लोक  12.218.6 
तत्र पञ्चशिखो नाम कापिलेयो महामुनि:।
परिधावन् महीं कृत्स्नां जगाम मिथिलामथ॥ ६॥
 
 
अनुवाद
एक बार कपिल के पुत्र महान ऋषि पंचशिख पृथ्वी का भ्रमण करते हुए मिथिला पहुंचे।
 
Once the great sage Panchasikha, son of Kapila, while travelling around the earth, reached Mithila.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)