Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.215.27: ऐसा मनुष्य मृत्यु और मृत्यु से परे होकर सनातन ब्रह्म को जानकर उस अविनाशी, निर्विकार और अविनाशी ब्रह्म को प्राप्त हो जाता है ॥27॥ | mahabharat अध्याय 12.215: आसक्ति छोड़कर सनातन ब्रह्मकी प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा मनुष्य मृत्यु और मृत्यु से परे होकर सनातन ब्रह्म को जानकर उस अविनाशी, निर्विकार और अविनाशी ब्रह्म को प्राप्त हो जाता है ॥27॥
Such a person, by transcending death and death, knowing the eternal Brahma, attains that immutable, immutable and immortal Brahma. 27॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि वार्ष्णेयाध्यात्मकथने पञ्चदशाधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २१५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें श्रीकृष्णसम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णनविषयक दो सौ पंद्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २१५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥