Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.215.20: जिसका मन इन्द्रिय-देवताओं के साथ एक हो गया है, उसके अन्तःकरण में परब्रह्म प्रकट होता है; फिर धीरे-धीरे सत्त्वगुण को प्राप्त करके वह व्यक्ति ब्रह्मपद को प्राप्त करता है। | mahabharat अध्याय 12.215: आसक्ति छोड़कर सनातन ब्रह्मकी प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिसका मन इन्द्रिय-देवताओं के साथ एक हो गया है, उसके अन्तःकरण में परब्रह्म प्रकट होता है; फिर धीरे-धीरे सत्त्वगुण को प्राप्त करके वह व्यक्ति ब्रह्मपद को प्राप्त करता है।
The Supreme Brahman manifests in the inner being of one whose mind has become united with the sense-gods; then gradually on acquiring the Sattva Guna, that person attains the state of Brahman.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥