Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.215.18: बुद्धिमान और धैर्यवान पुरुष को चाहिए कि वह अपनी बुद्धि को अवश्य वश में रखे; फिर बुद्धि के द्वारा मन को वश में रखे और मन के द्वारा अपनी इन्द्रियों को विषयों से वश में रखे ॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.215: आसक्ति छोड़कर सनातन ब्रह्मकी प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धिमान और धैर्यवान पुरुष को चाहिए कि वह अपनी बुद्धि को अवश्य वश में रखे; फिर बुद्धि के द्वारा मन को वश में रखे और मन के द्वारा अपनी इन्द्रियों को विषयों से वश में रखे ॥18॥
An intelligent and patient man should definitely control his intellect; Then control your mind through your intellect and control your senses through your mind from the objects. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥