Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.214.10: जो मनुष्य इस व्रत को विधिपूर्वक करता है, वह ब्रह्मलोक को प्राप्त होता है। मध्यम श्रेणी का ब्रह्मचारी देवताओं के लोक को प्राप्त होता है और कनिष्ठ श्रेणी का विद्वान ब्रह्मचारी श्रेष्ठ ब्राह्मण के रूप में जन्म लेता है। 10॥   |   mahabharat अध्याय 12.214: ब्रह्मचर्य तथा वैराग्यसे मुक्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 214: ब्रह्मचर्य तथा वैराग्यसे मुक्ति  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.214.10 
सम्यग्वृत्तिर्ब्रह्मलोकं प्राप्नुयान्मध्यम: सुरान्।
द्विजाग्रॺो जायते विद्वान् कन्यसीं वृत्तिमास्थित:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य इस व्रत को विधिपूर्वक करता है, वह ब्रह्मलोक को प्राप्त होता है। मध्यम श्रेणी का ब्रह्मचारी देवताओं के लोक को प्राप्त होता है और कनिष्ठ श्रेणी का विद्वान ब्रह्मचारी श्रेष्ठ ब्राह्मण के रूप में जन्म लेता है। 10॥
 
The person who observes this fast properly attains Brahmaloka. A middle class Brahmachari attains the world of gods and a junior class learned Brahmachari is born as a great Brahmin. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)