Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.211.2: जैसे पीपल का छोटा-सा बीज अदृश्य रूप में एक विशाल वृक्ष को धारण करता है और जब वह बीज अंकुरित होता है, तो वृक्ष में परिवर्तित होकर दृश्य हो जाता है, उसी प्रकार अदृश्य से दृश्य जगत् उत्पन्न होता है॥2॥ | mahabharat अध्याय 12.211: संसारचक्र और जीवात्माकी स्थितिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे पीपल का छोटा-सा बीज अदृश्य रूप में एक विशाल वृक्ष को धारण करता है और जब वह बीज अंकुरित होता है, तो वृक्ष में परिवर्तित होकर दृश्य हो जाता है, उसी प्रकार अदृश्य से दृश्य जगत् उत्पन्न होता है॥2॥
Just as a small Peepal seed contains a huge tree in an invisible form and when the seed germinates, it transforms into a tree and becomes visible, in the same way the visible world is born from the invisible.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥