Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.210.24: नारायण के माध्यम से ही ऋषियों, देवताओं, दानवों और प्राचीन राजाओं ने ब्रह्म को जाना है; ब्रह्म का ज्ञान ही समस्त दुःखों का अंतिम उपचार है।   |   mahabharat अध्याय 12.210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.210.24 
नारायणादृषिगणास्तथा मुख्या: सुरासुरा:।
राजर्षय: पुराणाश्च परमं दु:खभेषजम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
नारायण के माध्यम से ही ऋषियों, देवताओं, दानवों और प्राचीन राजाओं ने ब्रह्म को जाना है; ब्रह्म का ज्ञान ही समस्त दुःखों का अंतिम उपचार है।
 
It is through Narayana that the sages, the great gods, the demons and the ancient kings have known the Brahman; that knowledge of Brahman is the ultimate cure for all sorrows. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)