Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.210.22: तर्कशील विद्वानों ने तर्क पर अनेक ग्रन्थ लिखे हैं। तुम भी उन महर्षियों द्वारा बताए गए ब्रह्म की आराधना तर्कपूर्ण शास्त्रों और सदाचार के द्वारा करो।   |   mahabharat अध्याय 12.210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 210: गुरु-शिष्यके संवादका उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण-सम्बन्धी अध्यात्मतत्त्वका वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.210.22 
न्यायतन्त्राण्यनेकानि तैस्तैरुक्तानि वादिभि:।
हेत्वागमसदाचारैर्यदुक्तं तदुपास्यताम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तर्कशील विद्वानों ने तर्क पर अनेक ग्रन्थ लिखे हैं। तुम भी उन महर्षियों द्वारा बताए गए ब्रह्म की आराधना तर्कपूर्ण शास्त्रों और सदाचार के द्वारा करो।
 
The rational scholars have written many books on logic. You should also worship the Brahman preached by those great sages through logical scriptures and good conduct.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)