Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.21.7: कुछ लोग साम (प्रेमपूर्ण व्यवहार) की प्रशंसा करते हैं और कुछ लोग व्यायाम (प्रयत्न और परिश्रम) की। कुछ लोग दोनों में से एक (साम) की प्रशंसा नहीं करते, कुछ लोग दूसरे (व्यायाम) की प्रशंसा करते हैं, और कुछ लोग दोनों की बहुत प्रशंसा करते हैं॥ 7॥ | mahabharat अध्याय 12.21: देवस्थान मुनिके द्वारा युधिष्ठिरके प्रति उत्तम धर्मका और यज्ञादि करनेका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्ये साम प्रशंसन्ति व्यायाममपरे जना:।
नैकं न चापरं केचिदुभयं च तथापरे॥ ७॥
अनुवाद
कुछ लोग साम (प्रेमपूर्ण व्यवहार) की प्रशंसा करते हैं और कुछ लोग व्यायाम (प्रयत्न और परिश्रम) की। कुछ लोग दोनों में से एक (साम) की प्रशंसा नहीं करते, कुछ लोग दूसरे (व्यायाम) की प्रशंसा करते हैं, और कुछ लोग दोनों की बहुत प्रशंसा करते हैं॥ 7॥
Some praise saama (loving behaviour) and some praise vyayama (effort and hard work). Some do not praise one of the two (saama), some praise the other (exercise), and some praise both highly.॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥