Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.21.10-11h: इन सब बातों पर विचार करने के बाद विद्वान लोग इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि जो धर्म किसी भी प्राणी को कष्ट पहुँचाए बिना किया जाता है, वही पुण्यात्माओं की दृष्टि में सर्वश्रेष्ठ धर्म है ॥10 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.21: देवस्थान मुनिके द्वारा युधिष्ठिरके प्रति उत्तम धर्मका और यज्ञादि करनेका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतत् सर्वं समालोक्य बुधानामेष निश्चय:॥ १०॥
अद्रोहेणैव भूतानां यो धर्म: स सतां मत:।
अनुवाद
इन सब बातों पर विचार करने के बाद विद्वान लोग इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि जो धर्म किसी भी प्राणी को कष्ट पहुँचाए बिना किया जाता है, वही पुण्यात्माओं की दृष्टि में सर्वश्रेष्ठ धर्म है ॥10 1/2॥
After considering all these matters, the learned have come to the conclusion that the religion which is followed without causing harm to any living being is the best religion in the opinion of the virtuous. ॥10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥